ट्रेन का आविष्कार किसने किया

नमस्कार दोस्तों आज आपको हम इस लेख में बताएंगे की ट्रेन का आविष्कार किसने किया और किस तरह इसका उपयोग किया गया यह बात तो सबको पता है कि आज के समय में ट्रेन में करोड़ों लोग रोजाना सफर करते हैं एक बहुत बड़ा ट्रांसपोर्ट ‌के काम में भी आता‌ ट्रांसपोर्ट की दुनिया में यह सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट माल को ले जाने का काम करता है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक सफलतापूर्वक वालों को ले जाता है

इसके अलावा एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने लोगों को बहुत आसानी होती है भारत सरकार ने रेल मंत्री ने ट्रेन की सुविधाओं पर बहुत काम किया है ट्रेन की सुविधा बहुत बढ़ा दी गई है और इसके टिकट का खर्चा भी बहुत कम कर दिया गया है इसलिए लोग छोटी सी छोटी जगह घूमने के लिए भी ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं ट्रेन बुक कराते हैं जिसे हम बहुत सुविधा उनको मिल जाती हैं और बहुत कम दामों में भारत में सबसे ज्यादा ट्रेनें चलती हैं जानते हैं इसका आविष्कार किसने किया इसका आविष्कार
Richard Trevithick लेकर आता जो यूनाइटेड किंगडम का रहने वाला था

यूनाइटेड किंगडम में स्थित इस इंसान ने इंजीनियरिंग भी की हुई थी जिस दौरान इन्होंने ट्रेन बनाने का काम शुरू किया जाता है कि जब इन्होंने ट्रेन बनाई तब इन्होंने सबसे छोटी और सबसे पहली ट्रेन बनाई जो आप के माध्यम से चलती थी हालांकि वह ज्यादा सफल नहीं हो पाई माना जाता है कि इससे पहले भी इंग्लैंड के एक निवासी ने ट्रेन का आविष्कार कर लिया है लेकिन उन्होंने बहुत छोटे स्तर पर सिर्फ एक ही छोटा इंजन तैयार करके उसको पटरी लैंड पर उतारने की कोशिश की जिसकी वजह से और ज्यादा सफल नहीं हो पाई लेकिन Richard Trevithick बनाई और उसका उपयोग भी किया
इनके ट्रेन बनाने की विधि से लोगों में ट्रेन बनाने की उत्सुकता ज्यादा होने लगी और कई इंजीनियरों ने ट्रेन पर प्रयोग करना शुरू कर दें

और ट्रेन का नए रूप से प्रयोग करना शुरू कर दिया और लगातार उस पर प्रयास किए जाने लगे उस दौरान 1825 में
George Stephenson ले एक ट्रेन बनाई जो एक सफल ट्रेन साबित हुई और उसका नाम उन्होंने रखा लोकोमोशन ट्रेन लोकोमोशन ट्रेन इन्होंने उसी विधि के द्वारा बनाए जो विधि रिचार्ज इंजीनियर ने आज मायी थी इसके द्वारा बनाई गई ट्रेन इसे 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार दी गई थी 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार दी जाने वाली इस ट्रेन में वेद पहली बार में 450 लोगों को इस वाहन में बैठने की इजाजत दी गई थी जिसने 1 घंटे में 45 किलोमीटर की दूरी तय की थी!
रिचा हटके इज इन्वेंशन के दौरान लोगों में ट्रेन बनाने की उत्सुकता ज्यादा जागने लगी और लगातार इस पर प्रयास चलने लगे लगातार प्रयासों के बाद 1825 में सितंबर के माह में इस ट्रेन को सफलतापूर्वक चलाया गया जिसमें पहली बार इस ट्रेन में माल भेजने का प्रयास किया गया!

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